दैनिक जशपुरान्चल
Thursday 24 Jan 2019 03:01 AM



खून की कमी से जूझ रहे दो सगी बहने, तीन दिनों से पड़े है चिकित्सालय मे


 खून की कमी से जूझ रहे दो सगी बहने, तीन दिनों से पड़े है चिकित्सालय मे
खून की कमी से जूझ रहे दो सगी बहने, तीन दिनों से पड़े है चिकित्सालय मे
28-10-18 06:46:10         VIJAY TRIPATHI


बोल रहे यहा नही है खून की व्यवस्था नही बाहर ले जाओ

 

पत्थलगांव--

सिविल हॉस्पिटल पत्थलगांव मे एक ऐसा मामला आया है जिसमे दो सगी नाबालिक बहने बीमार है और खून की कमी से जूझ रहे है जिन्हे जल्द खून नही मिला तो कुछ भी हो सकता है,पता चला है कि बी एम ओ ने जिला चिकित्सालय जशपूर से ब्लड मंगाने प्रयास किया था किन्तु वहा से जवाब मिला आज शिविर है ब्लड नही दे सकते तो क्या शिविर है तो खून की कमी से जूझने वाले मरीज को यदि कुछ हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ब्लड रहते हुवे ब्लड बैंक के जिम्मेदार अधिकारी की यह जवाब दारी नही बनती की सीरियस मरीज के लिये पहले प्राथमिकता दे।एक तरफ सरकार कहती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वही बेटियों को पीड़ा मुक्त कराने या ये कहे बेटियों को बचाने जैसे कार्यो पर लेट लतीफी क्यो--?पुनः यह कहता हूँ कि ऐसी परिस्थिति मे उन गरीब बेटियों के साथ यदि कोई अनहोनी हो जाये तो क्या होगा इस पर जवाबदार अधिकारी कर्मचारी मनन क्यो नही करते कि उनकी जगह हमारे बच्चे होते तो हमारे दिल पर क्या बीतता। वही दोनो बहनो के परिजनों को यह बोल दिया जाता है कि इन्हें रायगढ़ या अम्बिकापुर ले जाओ, व्यवस्था होते हुवे भी गरीबो को बाहर जाना पड़े तो फिर यह व्यवस्था किस काम का।

 

ब्लड डोनेशन करने समाज सेवी तो पहुचे पर ब्लड निकलने की कोई व्यवस्था नही

 

 ब्लड डोनेशन करने वाले समाज सेवी तो यहा बहुत है और जानकारी मिलते ही नगर के अनेक युवा बच्चीयों की जान बचाने अपना खून देने चिकित्सालय पहुंच गये परन्तु यहा शासन की नजरो मे भारी भरकम 100 बिस्तर वाली हॉस्पिटल में ना तो ब्लड बैंक है ना ही ब्लड निकालने की कोई सुविधा है, खून की कमी से चाहे मरीज की जान क्यो ना चली जाए किसी को कोई परवाह नही है ।बताया जाता है कि पहले ब्लड निकालने व चढ़ाने की व्यवस्था थी परन्तु ब्लड की दलाली प्रथा की शिकायत के बाद ब्लड किट प्रदाय करने पर ही रोक लगा दिया गया।किन्तु कहा तक यह सही है कि बड़े अस्पतालों पर भी यह प्रतिबंध लगाना।

यहा के अस्पताल पत्थलगांव खून की कमी से जूझ रही दो सगी बहनो में कु सुमन 14 वर्ष और उसकी छोटी बहन कु अंजलि 12 वर्ष जो खून की कमी से 3 दिन से जिंदगी की जंग से जूझ रहे हैं जिन्हें अर्जेंट A+ और o+ ग्रुप खून की जल्द से जल्द आवस्यकता है और गरीब परिवार की दोनों बेटियां अपनी जिंदगी के लिये ब्लड के इंतजार मे है ताकि उनकी जिंदगी स्वस्थ होकर खुशहाल हो सके ।





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